भक्तिसाधन

पंचांग — 31 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारशनिवार
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमी — 04:23 (अगले दिन) तक
फिर कृष्ण पक्ष अष्टमी
नक्षत्रपुनर्वसु — 20:10 तक
फिर पुष्य
योगसिद्ध — 08:01 तक
फिर साध्य
करणविष्टि (भद्रा) — 18:23 तक
फिर बव
सूर्योदय08:00
सूर्यास्त18:30
राहु काल10:37–11:56
अभिजित मुहूर्त12:54–13:36

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला13°51′स्वाति (3)
चंद्रमिथुन26°08′पुनर्वसु (2)
मंगलकर्क24°08′आश्लेषा (3)
बुधतुला22°58′विशाखा (1)वक्री
गुरुसिंह0°03′मघा (1)
शुक्रतुला2°16′चित्रा (3)वक्री
शनिमीन15°09′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ1°52′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह1°52′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

08:00–09:19कालअशुभ
09:19–10:37शुभशुभ
10:37–11:56रोगअशुभ
11:56–13:15उद्वेगअशुभ
13:15–14:34चरसामान्य
14:34–15:53लाभशुभ
15:53–17:12अमृतशुभ
17:12–18:30कालअशुभ

रात

18:30–20:12लाभशुभ
20:12–21:53अमृतशुभ
21:53–23:34कालअशुभ
23:34–01:16शुभशुभ
01:16–01:57रोगअशुभ
01:57–03:38उद्वेगअशुभ
03:38–05:20चरसामान्य
05:20–07:01लाभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।