भक्तिसाधन

पंचांग — 30 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारशुक्रवार
तिथिकृष्ण पक्ष पंचमी — 09:57 तक
फिर कृष्ण पक्ष षष्ठी
नक्षत्रआर्द्रा — 21:42 तक
फिर पुनर्वसु
योगशिव — 11:11 तक
फिर सिद्ध
करणतैतिल — 09:57 तक
फिर गर
सूर्योदय07:59
सूर्यास्त18:32
राहु काल11:56–13:15
अभिजित मुहूर्त12:54–13:36

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला12°51′स्वाति (2)
चंद्रमिथुन11°44′आर्द्रा (2)
मंगलकर्क23°38′आश्लेषा (3)
बुधतुला23°57′विशाखा (2)वक्री
गुरुकर्क29°56′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला2°47′चित्रा (3)वक्री
शनिमीन15°13′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ1°55′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह1°55′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:59–09:18चरसामान्य
09:18–10:37लाभशुभ
10:37–11:56अमृतशुभ
11:56–13:15कालअशुभ
13:15–14:34शुभशुभ
14:34–15:53रोगअशुभ
15:53–17:13उद्वेगअशुभ
17:13–18:32चरसामान्य

रात

18:32–20:13रोगअशुभ
20:13–21:54उद्वेगअशुभ
21:54–23:35चरसामान्य
23:35–01:16लाभशुभ
01:16–02:57अमृतशुभ
02:57–04:38कालअशुभ
04:38–06:19शुभशुभ
06:19–08:00रोगअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।