भक्तिसाधन

पंचांग — 1 नवंबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

← पिछला दिन · आज · अगला दिन →

वाररविवार
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमी — 02:42 (अगले दिन) तक
फिर कृष्ण पक्ष नवमी
नक्षत्रपुष्य — 18:01 तक
फिर आश्लेषा
योगशुभ — 01:36 (अगले दिन) तक
फिर शुक्ल
करणबालव — 15:30 तक
फिर कौलव
सूर्योदय07:01
सूर्यास्त17:29
राहु काल16:11–17:29
अभिजित मुहूर्त11:54–12:36

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला14°51′स्वाति (3)
चंद्रकर्क10°16′पुष्य (3)
मंगलकर्क24°38′आश्लेषा (3)
बुधतुला21°51′विशाखा (1)वक्री
गुरुसिंह0°11′मघा (1)
शुक्रतुला1°46′चित्रा (3)वक्री
शनिमीन15°06′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ1°49′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह1°49′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:01–08:19उद्वेगअशुभ
08:19–09:38चरसामान्य
09:38–10:57लाभशुभ
10:57–12:15अमृतशुभ
12:15–13:34कालअशुभ
13:34–14:52शुभशुभ
14:52–16:11रोगअशुभ
16:11–17:29उद्वेगअशुभ

रात

17:29–19:11शुभशुभ
19:11–20:52रोगअशुभ
20:52–22:34उद्वेगअशुभ
22:34–00:16चरसामान्य
00:16–01:57लाभशुभ
01:57–03:39अमृतशुभ
03:39–05:20कालअशुभ
05:20–07:02शुभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।