भक्तिसाधन

पंचांग — 18 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

← पिछला दिन · आज · अगला दिन →

वाररविवार
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमी — 01:23 (अगले दिन) तक
फिर शुक्ल पक्ष नवमी
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा — 06:09 (अगले दिन) तक
फिर श्रवण
योगसुकर्मा — 14:26 तक
फिर धृति
करणविष्टि (भद्रा) — 12:13 तक
फिर बव
सूर्योदय07:45
सूर्यास्त18:48
राहु काल17:25–18:48
अभिजित मुहूर्त12:55–13:39

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला0°53′चित्रा (3)
चंद्रधनु28°51′उत्तराषाढ़ा (1)
मंगलकर्क17°19′आश्लेषा (1)
बुधतुला24°49′विशाखा (2)
गुरुकर्क28°16′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला9°50′स्वाति (1)वक्री
शनिमीन16°04′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ2°33′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह2°33′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:45–09:08उद्वेगअशुभ
09:08–10:31चरसामान्य
10:31–11:54लाभशुभ
11:54–13:17अमृतशुभ
13:17–14:39कालअशुभ
14:39–16:02शुभशुभ
16:02–17:25रोगअशुभ
17:25–18:48उद्वेगअशुभ

रात

18:48–20:25शुभशुभ
20:25–22:02रोगअशुभ
22:02–23:40उद्वेगअशुभ
23:40–01:17चरसामान्य
01:17–02:54लाभशुभ
02:54–04:32अमृतशुभ
04:32–06:09कालअशुभ
06:09–07:47शुभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।