भक्तिसाधन

पंचांग — 19 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

← पिछला दिन · आज · अगला दिन →

वारसोमवार
तिथिशुक्ल पक्ष नवमी — 03:22 (अगले दिन) तक
फिर शुक्ल पक्ष दशमी
नक्षत्रश्रवण — 08:32 (अगले दिन) तक
फिर धनिष्ठा
योगधृति — 15:05 तक
फिर शूल
करणबालव — 14:26 तक
फिर कौलव
सूर्योदय07:47
सूर्यास्त18:46
राहु काल09:09–10:31
अभिजित मुहूर्त12:54–13:38

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला1°52′चित्रा (3)
चंद्रमकर10°48′श्रवण (1)
मंगलकर्क17°51′आश्लेषा (1)
बुधतुला25°23′विशाखा (2)
गुरुकर्क28°25′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला9°17′स्वाति (1)वक्री
शनिमीन15°59′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ2°30′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह2°30′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:47–09:09अमृतशुभ
09:09–10:31कालअशुभ
10:31–11:54शुभशुभ
11:54–13:16रोगअशुभ
13:16–14:39उद्वेगअशुभ
14:39–16:01चरसामान्य
16:01–17:24लाभशुभ
17:24–18:46अमृतशुभ

रात

18:46–20:24चरसामान्य
20:24–22:02लाभशुभ
22:02–23:39अमृतशुभ
23:39–01:17कालअशुभ
01:17–02:55शुभशुभ
02:55–04:32रोगअशुभ
04:32–06:10उद्वेगअशुभ
06:10–07:48चरसामान्य

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।