भक्तिसाधन

पंचांग — 17 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारशनिवार
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमी — 22:59 तक
फिर शुक्ल पक्ष अष्टमी
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा — 03:19 (अगले दिन) तक
फिर उत्तराषाढ़ा
योगअतिगंड — 13:33 तक
फिर सुकर्मा
करणगर — 09:43 तक
फिर वणिज
सूर्योदय07:44
सूर्यास्त18:49
राहु काल10:31–11:54
अभिजित मुहूर्त12:55–13:39

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकन्या29°53′चित्रा (2)
चंद्रधनु17°00′पूर्वाषाढ़ा (2)
मंगलकर्क16°46′आश्लेषा (1)
बुधतुला24°10′विशाखा (2)
गुरुकर्क28°07′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला10°22′स्वाति (2)वक्री
शनिमीन16°08′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ2°36′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह2°36′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:44–09:08कालअशुभ
09:08–10:31शुभशुभ
10:31–11:54रोगअशुभ
11:54–13:17उद्वेगअशुभ
13:17–14:40चरसामान्य
14:40–16:03लाभशुभ
16:03–17:26अमृतशुभ
17:26–18:49कालअशुभ

रात

18:49–20:26लाभशुभ
20:26–22:03अमृतशुभ
22:03–23:40कालअशुभ
23:40–01:17शुभशुभ
01:17–02:54रोगअशुभ
02:54–04:31उद्वेगअशुभ
04:31–06:08चरसामान्य
06:08–07:45लाभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।