भक्तिसाधन

पंचांग — 12 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारसोमवार
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीया — 12:45 तक
फिर शुक्ल पक्ष तृतीया
नक्षत्रस्वाति — 14:23 तक
फिर विशाखा
योगविष्कंभ — 11:02 तक
फिर प्रीति
करणकौलव — 12:45 तक
फिर तैतिल
सूर्योदय07:39
सूर्यास्त18:57
राहु काल09:04–10:29
अभिजित मुहूर्त12:55–13:41

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकन्या24°56′चित्रा (1)
चंद्रतुला16°29′स्वाति (3)
मंगलकर्क14°00′पुष्य (4)
बुधतुला19°56′स्वाति (4)
गुरुकर्क27°20′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला12°35′स्वाति (2)वक्री
शनिमीन16°31′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ2°52′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह2°52′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:39–09:04अमृतशुभ
09:04–10:29कालअशुभ
10:29–11:53शुभशुभ
11:53–13:18रोगअशुभ
13:18–14:43उद्वेगअशुभ
14:43–16:07चरसामान्य
16:07–17:32लाभशुभ
17:32–18:57अमृतशुभ

रात

18:57–20:32चरसामान्य
20:32–22:08लाभशुभ
22:08–23:43अमृतशुभ
23:43–01:18कालअशुभ
01:18–02:54शुभशुभ
02:54–04:29रोगअशुभ
04:29–06:05उद्वेगअशुभ
06:05–07:40चरसामान्य

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।