भक्तिसाधन

पंचांग — 13 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

← पिछला दिन · आज · अगला दिन →

वारमंगलवार
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीया — 13:59 तक
फिर शुक्ल पक्ष चतुर्थी
नक्षत्रविशाखा — 16:13 तक
फिर अनुराधा
योगप्रीति — 10:54 तक
फिर आयुष्मान
करणगर — 13:59 तक
फिर वणिज
सूर्योदय07:40
सूर्यास्त18:55
राहु काल16:06–17:31
अभिजित मुहूर्त12:55–13:40

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकन्या25°55′चित्रा (1)
चंद्रतुला28°57′विशाखा (3)
मंगलकर्क14°34′पुष्य (4)
बुधतुला20°53′विशाखा (1)
गुरुकर्क27°30′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला12°12′स्वाति (2)वक्री
शनिमीन16°27′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ2°49′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह2°49′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:40–09:05रोगअशुभ
09:05–10:29उद्वेगअशुभ
10:29–11:53चरसामान्य
11:53–13:18लाभशुभ
13:18–14:42अमृतशुभ
14:42–16:06कालअशुभ
16:06–17:31शुभशुभ
17:31–18:55रोगअशुभ

रात

18:55–20:31कालअशुभ
20:31–22:07शुभशुभ
22:07–23:42रोगअशुभ
23:42–01:18उद्वेगअशुभ
01:18–02:54चरसामान्य
02:54–04:30लाभशुभ
04:30–06:05अमृतशुभ
06:05–07:41कालअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।