भक्तिसाधन

पंचांग — 11 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वाररविवार
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदा — 12:03 तक
फिर शुक्ल पक्ष द्वितीया
नक्षत्रचित्रा — 13:03 तक
फिर स्वाति
योगवैधृति — 11:35 तक
फिर विष्कंभ
करणबव — 12:03 तक
फिर बालव
सूर्योदय07:38
सूर्यास्त18:58
राहु काल17:33–18:58
अभिजित मुहूर्त12:56–13:41

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकन्या23°56′चित्रा (1)
चंद्रतुला3°46′चित्रा (4)
मंगलकर्क13°27′पुष्य (4)
बुधतुला18°56′स्वाति (4)
गुरुकर्क27°11′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला12°56′स्वाति (2)वक्री
शनिमीन16°36′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ2°55′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह2°55′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:38–09:03उद्वेगअशुभ
09:03–10:28चरसामान्य
10:28–11:53लाभशुभ
11:53–13:18अमृतशुभ
13:18–14:43कालअशुभ
14:43–16:08शुभशुभ
16:08–17:33रोगअशुभ
17:33–18:58उद्वेगअशुभ

रात

18:58–20:33शुभशुभ
20:33–22:08रोगअशुभ
22:08–23:44उद्वेगअशुभ
23:44–01:19चरसामान्य
01:19–02:54लाभशुभ
02:54–04:29अमृतशुभ
04:29–06:04कालअशुभ
06:04–07:39शुभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।