भक्तिसाधन

पंचांग — 8 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारगुरुवार
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशी — 12:48 तक
फिर कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी — 11:51 तक
फिर उत्तरा फाल्गुनी
योगशुक्ल — 15:28 तक
फिर ब्रह्म
करणवणिज — 12:48 तक
फिर विष्टि (भद्रा)
सूर्योदय07:35
सूर्यास्त19:03
राहु काल14:45–16:11
अभिजित मुहूर्त12:56–13:42

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकन्या20°58′हस्त (4)
चंद्रसिंह24°16′पूर्वा फाल्गुनी (4)
मंगलकर्क11°45′पुष्य (3)
बुधतुला15°42′स्वाति (3)
गुरुकर्क26°41′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला13°43′स्वाति (3)वक्री
शनिमीन16°50′रेवती (1)वक्री
राहुकुंभ3°05′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह3°05′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:35–09:01शुभशुभ
09:01–10:27रोगअशुभ
10:27–11:53उद्वेगअशुभ
11:53–13:19चरसामान्य
13:19–14:45लाभशुभ
14:45–16:11अमृतशुभ
16:11–17:37कालअशुभ
17:37–19:03शुभशुभ

रात

19:03–20:37अमृतशुभ
20:37–22:11कालअशुभ
22:11–23:45शुभशुभ
23:45–01:19रोगअशुभ
01:19–02:54उद्वेगअशुभ
02:54–04:28चरसामान्य
04:28–06:02लाभशुभ
06:02–07:36अमृतशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।