भक्तिसाधन

पंचांग — 4 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वाररविवार
तिथिकृष्ण पक्ष नवमी — 18:25 तक
फिर कृष्ण पक्ष दशमी
नक्षत्रपुनर्वसु — 14:44 तक
फिर पुष्य
योगशिव — 00:21 (अगले दिन) तक
फिर सिद्ध
करणगर — 18:25 तक
फिर वणिज
सूर्योदय07:31
सूर्यास्त19:09
राहु काल17:42–19:09
अभिजित मुहूर्त12:57–13:43

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकन्या17°02′हस्त (3)
चंद्रमिथुन29°06′पुनर्वसु (3)
मंगलकर्क9°28′पुष्य (2)
बुधतुला10°56′स्वाति (2)
गुरुकर्क26°00′आश्लेषा (3)
शुक्रतुला14°13′स्वाति (3)वक्री
शनिमीन17°09′रेवती (1)वक्री
राहुकुंभ3°18′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह3°18′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:31–08:58उद्वेगअशुभ
08:58–10:26चरसामान्य
10:26–11:53लाभशुभ
11:53–13:20अमृतशुभ
13:20–14:47कालअशुभ
14:47–16:15शुभशुभ
16:15–17:42रोगअशुभ
17:42–19:09उद्वेगअशुभ

रात

19:09–20:42शुभशुभ
20:42–22:15रोगअशुभ
22:15–23:48उद्वेगअशुभ
23:48–01:21चरसामान्य
01:21–02:54लाभशुभ
02:54–04:26अमृतशुभ
04:26–05:59कालअशुभ
05:59–07:32शुभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।