भक्तिसाधन

पंचांग — 3 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारशनिवार
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमी — 20:24 तक
फिर कृष्ण पक्ष नवमी
नक्षत्रआर्द्रा — 16:00 तक
फिर पुनर्वसु
योगपरिघ — 03:02 (अगले दिन) तक
फिर शिव
करणबालव — 09:26 तक
फिर कौलव
सूर्योदय07:30
सूर्यास्त19:11
राहु काल10:25–11:53
अभिजित मुहूर्त12:57–13:44

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकन्या16°03′हस्त (2)
चंद्रमिथुन14°59′आर्द्रा (3)
मंगलकर्क8°54′पुष्य (2)
बुधतुला9°40′स्वाति (1)
गुरुकर्क25°49′आश्लेषा (3)
शुक्रतुला14°15′स्वाति (3)वक्री
शनिमीन17°14′रेवती (1)वक्री
राहुकुंभ3°21′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह3°21′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:30–08:58कालअशुभ
08:58–10:25शुभशुभ
10:25–11:53रोगअशुभ
11:53–13:20उद्वेगअशुभ
13:20–14:48चरसामान्य
14:48–16:16लाभशुभ
16:16–17:43अमृतशुभ
17:43–19:11कालअशुभ

रात

19:11–20:43लाभशुभ
20:43–22:16अमृतशुभ
22:16–23:48कालअशुभ
23:48–01:21शुभशुभ
01:21–02:53रोगअशुभ
02:53–04:26उद्वेगअशुभ
04:26–05:59चरसामान्य
05:59–07:31लाभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।