भक्तिसाधन

पंचांग — 3 सितंबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारगुरुवार
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमी — 16:57 तक
फिर कृष्ण पक्ष अष्टमी
नक्षत्रकृत्तिका — 15:00 तक
फिर रोहिणी
योगव्याघात — 09:03 तक
फिर हर्षण
करणबव — 16:57 तक
फिर बालव
सूर्योदय07:02
सूर्यास्त20:00
राहु काल15:08–16:45
अभिजित मुहूर्त13:05–13:57

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यसिंह16°44′पूर्वा फाल्गुनी (2)
चंद्रवृषभ5°19′कृत्तिका (3)
मंगलमिथुन20°43′पुनर्वसु (1)
बुधसिंह23°03′पूर्वा फाल्गुनी (3)
गुरुकर्क20°00′आश्लेषा (2)
शुक्रतुला0°51′चित्रा (3)
शनिमीन19°23′रेवती (1)वक्री
राहुकुंभ4°56′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह4°56′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:02–08:39शुभशुभ
08:39–10:16रोगअशुभ
10:16–11:53उद्वेगअशुभ
11:53–13:31चरसामान्य
13:31–15:08लाभशुभ
15:08–16:45अमृतशुभ
16:45–18:23कालअशुभ
18:23–20:00शुभशुभ

रात

20:00–21:23अमृतशुभ
21:23–22:46कालअशुभ
22:46–00:08शुभशुभ
00:08–01:31रोगअशुभ
01:31–02:54उद्वेगअशुभ
02:54–04:17चरसामान्य
04:17–05:40लाभशुभ
05:40–07:02अमृतशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।