भक्तिसाधन

पंचांग — 4 सितंबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारशुक्रवार
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमी — 14:45 तक
फिर कृष्ण पक्ष नवमी
नक्षत्ररोहिणी — 13:35 तक
फिर मृगशिरा
योगवज्र — 03:17 (अगले दिन) तक
फिर सिद्धि
करणकौलव — 14:45 तक
फिर तैतिल
सूर्योदय07:02
सूर्यास्त19:58
राहु काल11:53–13:30
अभिजित मुहूर्त13:05–13:56

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यसिंह17°43′पूर्वा फाल्गुनी (2)
चंद्रवृषभ19°27′रोहिणी (3)
मंगलमिथुन21°21′पुनर्वसु (1)
बुधसिंह24°52′पूर्वा फाल्गुनी (4)
गुरुकर्क20°13′आश्लेषा (2)
शुक्रतुला1°37′चित्रा (3)
शनिमीन19°19′रेवती (1)वक्री
राहुकुंभ4°53′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह4°53′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:02–08:39चरसामान्य
08:39–10:16लाभशुभ
10:16–11:53अमृतशुभ
11:53–13:30कालअशुभ
13:30–15:07शुभशुभ
15:07–16:44रोगअशुभ
16:44–18:21उद्वेगअशुभ
18:21–19:58चरसामान्य

रात

19:58–21:22रोगअशुभ
21:22–22:45उद्वेगअशुभ
22:45–00:08चरसामान्य
00:08–01:31लाभशुभ
01:31–02:54अमृतशुभ
02:54–04:17कालअशुभ
04:17–05:40शुभशुभ
05:40–07:03रोगअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।