भक्तिसाधन

पंचांग — 1 सितंबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारमंगलवार
तिथिकृष्ण पक्ष पंचमी — 20:44 तक
फिर कृष्ण पक्ष षष्ठी
नक्षत्रअश्विनी — 17:13 तक
फिर भरणी
योगवृद्धि — 14:09 तक
फिर ध्रुव
करणकौलव — 09:31 तक
फिर तैतिल
सूर्योदय07:00
सूर्यास्त20:03
राहु काल16:47–18:25
अभिजित मुहूर्त13:05–13:58

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यसिंह14°48′पूर्वा फाल्गुनी (1)
चंद्रमेष7°28′अश्विनी (3)
मंगलमिथुन19°27′आर्द्रा (4)
बुधसिंह19°20′पूर्वा फाल्गुनी (2)
गुरुकर्क19°35′आश्लेषा (1)
शुक्रकन्या29°18′चित्रा (2)
शनिमीन19°30′रेवती (1)वक्री
राहुकुंभ5°03′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह5°03′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:00–08:38रोगअशुभ
08:38–10:16उद्वेगअशुभ
10:16–11:53चरसामान्य
11:53–13:31लाभशुभ
13:31–15:09अमृतशुभ
15:09–16:47कालअशुभ
16:47–18:25शुभशुभ
18:25–20:03रोगअशुभ

रात

20:03–21:25कालअशुभ
21:25–22:48शुभशुभ
22:48–00:10रोगअशुभ
00:10–01:32उद्वेगअशुभ
01:32–02:54चरसामान्य
02:54–04:16लाभशुभ
04:16–05:38अमृतशुभ
05:38–07:01कालअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।