भक्तिसाधन

पंचांग — 31 अगस्त 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारसोमवार
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थी — 22:14 तक
फिर कृष्ण पक्ष पंचमी
नक्षत्ररेवती — 17:54 तक
फिर अश्विनी
योगगंड — 16:21 तक
फिर वृद्धि
करणबव — 10:51 तक
फिर बालव
सूर्योदय06:59
सूर्यास्त20:05
राहु काल08:37–10:15
अभिजित मुहूर्त13:06–13:58

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यसिंह13°50′पूर्वा फाल्गुनी (1)
चंद्रमीन23°48′रेवती (3)
मंगलमिथुन18°49′आर्द्रा (4)
बुधसिंह17°27′पूर्वा फाल्गुनी (2)
गुरुकर्क19°22′आश्लेषा (1)
शुक्रकन्या28°30′चित्रा (2)
शनिमीन19°33′रेवती (1)वक्री
राहुकुंभ5°06′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह5°06′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

06:59–08:37अमृतशुभ
08:37–10:15कालअशुभ
10:15–11:53शुभशुभ
11:53–13:32रोगअशुभ
13:32–15:10उद्वेगअशुभ
15:10–16:48चरसामान्य
16:48–18:27लाभशुभ
18:27–20:05अमृतशुभ

रात

20:05–21:27चरसामान्य
21:27–22:48लाभशुभ
22:48–00:10अमृतशुभ
00:10–01:32कालअशुभ
01:32–02:54शुभशुभ
02:54–04:16रोगअशुभ
04:16–05:38उद्वेगअशुभ
05:38–07:00चरसामान्य

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।