भक्तिसाधन

पंचांग — 30 अगस्त 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

← पिछला दिन · आज · अगला दिन →

वाररविवार
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीया — 23:23 तक
फिर कृष्ण पक्ष चतुर्थी
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद — 18:15 तक
फिर रेवती
योगशूल — 18:16 तक
फिर गंड
करणवणिज — 11:49 तक
फिर विष्टि (भद्रा)
सूर्योदय06:58
सूर्यास्त20:06
राहु काल18:28–20:06
अभिजित मुहूर्त13:06–13:58

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यसिंह12°52′मघा (4)
चंद्रमीन10°22′उत्तराभाद्रपद (3)
मंगलमिथुन18°11′आर्द्रा (4)
बुधसिंह15°33′पूर्वा फाल्गुनी (1)
गुरुकर्क19°10′आश्लेषा (1)
शुक्रकन्या27°41′चित्रा (2)
शनिमीन19°36′रेवती (1)वक्री
राहुकुंभ5°09′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह5°09′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

06:58–08:36उद्वेगअशुभ
08:36–10:15चरसामान्य
10:15–11:53लाभशुभ
11:53–13:32अमृतशुभ
13:32–15:11कालअशुभ
15:11–16:49शुभशुभ
16:49–18:28रोगअशुभ
18:28–20:06उद्वेगअशुभ

रात

20:06–21:28शुभशुभ
21:28–22:49रोगअशुभ
22:49–00:11उद्वेगअशुभ
00:11–01:33चरसामान्य
01:33–02:54लाभशुभ
02:54–04:16अमृतशुभ
04:16–05:37कालअशुभ
05:37–06:59शुभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।