भक्तिसाधन

पंचांग — 11 जनवरी 2027

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारसोमवार
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थी — 01:01 (अगले दिन) तक
फिर शुक्ल पक्ष पंचमी
नक्षत्रशतभिषा — 09:44 (अगले दिन) तक
फिर पूर्वाभाद्रपद
योगव्यतीपात — 07:27 (अगले दिन) तक
फिर वरीयान
करणवणिज — 12:04 तक
फिर विष्टि (भद्रा)
सूर्योदय07:53
सूर्यास्त17:26
राहु काल09:04–10:16
अभिजित मुहूर्त12:20–12:59

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यधनु26°49′उत्तराषाढ़ा (1)
चंद्रकुंभ6°54′शतभिषा (1)
मंगलसिंह16°11′पूर्वा फाल्गुनी (1)वक्री
बुधमकर2°54′उत्तराषाढ़ा (2)
गुरुसिंह1°26′मघा (1)वक्री
शुक्रवृश्चिक10°09′अनुराधा (3)
शनिमीन14°39′उत्तराभाद्रपद (4)
राहुमकर28°03′धनिष्ठा (2)वक्री
केतुकर्क28°03′आश्लेषा (4)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:53–09:04अमृतशुभ
09:04–10:16कालअशुभ
10:16–11:28शुभशुभ
11:28–12:39रोगअशुभ
12:39–13:51उद्वेगअशुभ
13:51–15:03चरसामान्य
15:03–16:15लाभशुभ
16:15–17:26अमृतशुभ

रात

17:26–19:14चरसामान्य
19:14–21:03लाभशुभ
21:03–22:51अमृतशुभ
22:51–00:39कालअशुभ
00:39–02:28शुभशुभ
02:28–04:16रोगअशुभ
04:16–06:04उद्वेगअशुभ
06:04–07:52चरसामान्य

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।