भक्तिसाधन

पंचांग — 12 नवंबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारगुरुवार
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीया — 07:41 तक
फिर शुक्ल पक्ष चतुर्थी
नक्षत्रमूल — 06:48 (अगले दिन) तक
फिर पूर्वाषाढ़ा
योगसुकर्मा — 17:56 तक
फिर धृति
करणगर — 07:41 तक
फिर वणिज
सूर्योदय07:13
सूर्यास्त17:18
राहु काल13:31–14:47
अभिजित मुहूर्त11:56–12:36

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला25°53′विशाखा (2)
चंद्रधनु1°41′मूल (1)
मंगलकर्क29°57′आश्लेषा (4)
बुधतुला10°55′स्वाति (2)वक्री
गुरुसिंह1°21′मघा (1)
शुक्रकन्या28°40′चित्रा (2)वक्री
शनिमीन14°29′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ1°14′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह1°14′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:13–08:29शुभशुभ
08:29–09:45रोगअशुभ
09:45–11:00उद्वेगअशुभ
11:00–12:16चरसामान्य
12:16–13:31लाभशुभ
13:31–14:47अमृतशुभ
14:47–16:02कालअशुभ
16:02–17:18शुभशुभ

रात

17:18–19:02अमृतशुभ
19:02–20:47कालअशुभ
20:47–22:32शुभशुभ
22:32–00:16रोगअशुभ
00:16–02:01उद्वेगअशुभ
02:01–03:45चरसामान्य
03:45–05:30लाभशुभ
05:30–07:15अमृतशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।