भक्तिसाधन

पंचांग — 11 नवंबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारबुधवार
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीया — 07:41 (अगले दिन) तक
फिर शुक्ल पक्ष चतुर्थी
नक्षत्रज्येष्ठा — 03:50 (अगले दिन) तक
फिर मूल
योगअतिगंड — 17:10 तक
फिर सुकर्मा
करणतैतिल — 18:30 तक
फिर गर
सूर्योदय07:12
सूर्यास्त17:19
राहु काल12:16–13:31
अभिजित मुहूर्त11:55–12:36

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला24°53′विशाखा (2)
चंद्रवृश्चिक19°42′ज्येष्ठा (1)
मंगलकर्क29°29′आश्लेषा (4)
बुधतुला11°14′स्वाति (2)वक्री
गुरुसिंह1°15′मघा (1)
शुक्रकन्या28°45′चित्रा (2)वक्री
शनिमीन14°32′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ1°17′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह1°17′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:12–08:28लाभशुभ
08:28–09:44अमृतशुभ
09:44–11:00कालअशुभ
11:00–12:16शुभशुभ
12:16–13:31रोगअशुभ
13:31–14:47उद्वेगअशुभ
14:47–16:03चरसामान्य
16:03–17:19लाभशुभ

रात

17:19–19:03उद्वेगअशुभ
19:03–20:47चरसामान्य
20:47–22:32लाभशुभ
22:32–00:16अमृतशुभ
00:16–02:00कालअशुभ
02:00–03:45शुभशुभ
03:45–05:29रोगअशुभ
05:29–07:13उद्वेगअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।