भक्तिसाधन

पंचांग — 28 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

← पिछला दिन · आज · अगला दिन →

वारबुधवार
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीया — 15:38 तक
फिर कृष्ण पक्ष चतुर्थी
नक्षत्ररोहिणी — 01:42 (अगले दिन) तक
फिर मृगशिरा
योगवरीयान — 18:10 तक
फिर परिघ
करणविष्टि (भद्रा) — 15:38 तक
फिर बव
सूर्योदय07:56
सूर्यास्त18:34
राहु काल13:15–14:35
अभिजित मुहूर्त12:54–13:37

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला10°51′स्वाति (2)
चंद्रवृषभ12°27′रोहिणी (1)
मंगलकर्क22°36′आश्लेषा (2)
बुधतुला25°29′विशाखा (2)वक्री
गुरुकर्क29°41′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला3°54′चित्रा (4)वक्री
शनिमीन15°21′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ2°01′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह2°01′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:56–09:16लाभशुभ
09:16–10:36अमृतशुभ
10:36–11:56कालअशुभ
11:56–13:15शुभशुभ
13:15–14:35रोगअशुभ
14:35–15:55उद्वेगअशुभ
15:55–17:14चरसामान्य
17:14–18:34लाभशुभ

रात

18:34–20:15उद्वेगअशुभ
20:15–21:55चरसामान्य
21:55–23:35लाभशुभ
23:35–01:16अमृतशुभ
01:16–02:56कालअशुभ
02:56–04:37शुभशुभ
04:37–06:17रोगअशुभ
06:17–07:58उद्वेगअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।