भक्तिसाधन

पंचांग — 27 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारमंगलवार
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीया — 18:38 तक
फिर कृष्ण पक्ष तृतीया
नक्षत्रकृत्तिका — 03:57 (अगले दिन) तक
फिर रोहिणी
योगव्यतीपात — 21:48 तक
फिर वरीयान
करणतैतिल — 08:07 तक
फिर गर
सूर्योदय07:55
सूर्यास्त18:35
राहु काल15:55–17:15
अभिजित मुहूर्त12:54–13:37

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला9°51′स्वाति (1)
चंद्रमेष27°44′कृत्तिका (1)
मंगलकर्क22°05′आश्लेषा (2)
बुधतुला26°01′विशाखा (2)वक्री
गुरुकर्क29°33′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला4°29′चित्रा (4)वक्री
शनिमीन15°25′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ2°04′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह2°04′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:55–09:15रोगअशुभ
09:15–10:35उद्वेगअशुभ
10:35–11:55चरसामान्य
11:55–13:15लाभशुभ
13:15–14:35अमृतशुभ
14:35–15:55कालअशुभ
15:55–17:15शुभशुभ
17:15–18:35रोगअशुभ

रात

18:35–20:16कालअशुभ
20:16–21:56शुभशुभ
21:56–23:36रोगअशुभ
23:36–01:16उद्वेगअशुभ
01:16–02:56चरसामान्य
02:56–04:36लाभशुभ
04:36–06:16अमृतशुभ
06:16–07:56कालअशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।