भक्तिसाधन

पंचांग — 25 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वाररविवार
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमा — 00:13 (अगले दिन) तक
फिर कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
नक्षत्ररेवती — 09:53 तक
फिर अश्विनी
योगवज्र — 04:47 (अगले दिन) तक
फिर सिद्धि
करणविष्टि (भद्रा) — 13:24 तक
फिर बव
सूर्योदय07:53
सूर्यास्त18:38
राहु काल17:17–18:38
अभिजित मुहूर्त12:54–13:37

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला7°51′स्वाति (1)
चंद्रमीन28°49′रेवती (4)
मंगलकर्क21°03′आश्लेषा (2)
बुधतुला26°38′विशाखा (2)वक्री
गुरुकर्क29°17′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला5°41′चित्रा (4)वक्री
शनिमीन15°33′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ2°11′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह2°11′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:53–09:14उद्वेगअशुभ
09:14–10:34चरसामान्य
10:34–11:55लाभशुभ
11:55–13:16अमृतशुभ
13:16–14:36कालअशुभ
14:36–15:57शुभशुभ
15:57–17:17रोगअशुभ
17:17–18:38उद्वेगअशुभ

रात

18:38–20:18शुभशुभ
20:18–21:57रोगअशुभ
21:57–23:37उद्वेगअशुभ
23:37–01:16चरसामान्य
01:16–02:56लाभशुभ
02:56–04:35अमृतशुभ
04:35–06:15कालअशुभ
06:15–07:54शुभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।