भक्तिसाधन

पंचांग — 24 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारशनिवार
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशी — 02:28 (अगले दिन) तक
फिर शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद — 11:03 तक
फिर रेवती
योगव्याघात — 10:31 तक
फिर हर्षण
करणगर — 15:23 तक
फिर वणिज
सूर्योदय07:52
सूर्यास्त18:39
राहु काल10:34–11:55
अभिजित मुहूर्त12:54–13:37

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला6°51′स्वाति (1)
चंद्रमीन14°50′उत्तराभाद्रपद (4)
मंगलकर्क20°31′आश्लेषा (2)
बुधतुला26°44′विशाखा (3)वक्री
गुरुकर्क29°08′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला6°18′चित्रा (4)वक्री
शनिमीन15°38′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ2°14′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह2°14′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:52–09:13कालअशुभ
09:13–10:34शुभशुभ
10:34–11:55रोगअशुभ
11:55–13:16उद्वेगअशुभ
13:16–14:37चरसामान्य
14:37–15:58लाभशुभ
15:58–17:18अमृतशुभ
17:18–18:39कालअशुभ

रात

18:39–20:19लाभशुभ
20:19–21:58अमृतशुभ
21:58–23:37कालअशुभ
23:37–01:16शुभशुभ
01:16–02:55रोगअशुभ
02:55–04:35उद्वेगअशुभ
04:35–06:14चरसामान्य
06:14–07:53लाभशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।