भक्तिसाधन

पंचांग — 1 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारगुरुवार
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठी — 00:47 (अगले दिन) तक
फिर कृष्ण पक्ष सप्तमी
नक्षत्ररोहिणी — 18:58 तक
फिर मृगशिरा
योगसिद्धि — 11:48 तक
फिर व्यतीपात
करणगर — 13:56 तक
फिर वणिज
सूर्योदय07:28
सूर्यास्त19:14
राहु काल14:49–16:18
अभिजित मुहूर्त12:58–13:45

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकन्या14°04′हस्त (2)
चंद्रवृषभ16°29′रोहिणी (2)
मंगलकर्क7°44′पुष्य (2)
बुधतुला7°05′स्वाति (1)
गुरुकर्क25°28′आश्लेषा (3)
शुक्रतुला14°11′स्वाति (3)
शनिमीन17°23′रेवती (1)वक्री
राहुकुंभ3°27′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह3°27′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:28–08:56शुभशुभ
08:56–10:25रोगअशुभ
10:25–11:53उद्वेगअशुभ
11:53–13:21चरसामान्य
13:21–14:49लाभशुभ
14:49–16:18अमृतशुभ
16:18–17:46कालअशुभ
17:46–19:14शुभशुभ

रात

19:14–20:46अमृतशुभ
20:46–22:18कालअशुभ
22:18–23:50शुभशुभ
23:50–01:22रोगअशुभ
01:22–02:53उद्वेगअशुभ
02:53–04:25चरसामान्य
04:25–05:57लाभशुभ
05:57–07:29अमृतशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।