भक्तिसाधन

पंचांग — 4 जनवरी 2027

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

← पिछला दिन · आज · अगला दिन →

वारसोमवार
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशी — 10:12 (अगले दिन) तक
फिर कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
नक्षत्रअनुराधा — 13:45 तक
फिर ज्येष्ठा
योगगंड — 02:12 (अगले दिन) तक
फिर वृद्धि
करणगर — 20:58 तक
फिर वणिज
सूर्योदय07:53
सूर्यास्त17:19
राहु काल09:04–10:15
अभिजित मुहूर्त12:18–12:55

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यधनु19°41′पूर्वाषाढ़ा (2)
चंद्रवृश्चिक13°44′अनुराधा (4)
मंगलसिंह15°58′पूर्वा फाल्गुनी (1)
बुधधनु21°23′पूर्वाषाढ़ा (3)
गुरुसिंह2°00′मघा (1)वक्री
शुक्रवृश्चिक2°50′विशाखा (4)
शनिमीन14°19′उत्तराभाद्रपद (4)
राहुमकर28°25′धनिष्ठा (2)वक्री
केतुकर्क28°25′आश्लेषा (4)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:53–09:04अमृतशुभ
09:04–10:15कालअशुभ
10:15–11:26शुभशुभ
11:26–12:36रोगअशुभ
12:36–13:47उद्वेगअशुभ
13:47–14:58चरसामान्य
14:58–16:09लाभशुभ
16:09–17:19अमृतशुभ

रात

17:19–19:09चरसामान्य
19:09–20:58लाभशुभ
20:58–22:47अमृतशुभ
22:47–00:36कालअशुभ
00:36–02:26शुभशुभ
02:26–04:15रोगअशुभ
04:15–06:04उद्वेगअशुभ
06:04–07:53चरसामान्य

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।