भक्तिसाधन

पंचांग — 22 अक्टूबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारगुरुवार
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशी — 05:07 (अगले दिन) तक
फिर शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
नक्षत्रशतभिषा — 11:20 तक
फिर पूर्वाभाद्रपद
योगवृद्धि — 14:09 तक
फिर ध्रुव
करणबव — 17:19 तक
फिर बालव
सूर्योदय07:50
सूर्यास्त18:42
राहु काल14:37–15:59
अभिजित मुहूर्त12:54–13:38

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यतुला4°52′चित्रा (4)
चंद्रकुंभ18°06′शतभिषा (4)
मंगलकर्क19°28′आश्लेषा (1)
बुधतुला26°32′विशाखा (2)
गुरुकर्क28°52′आश्लेषा (4)
शुक्रतुला7°31′स्वाति (1)वक्री
शनिमीन15°46′उत्तराभाद्रपद (4)वक्री
राहुकुंभ2°20′धनिष्ठा (3)वक्री
केतुसिंह2°20′मघा (1)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:50–09:11शुभशुभ
09:11–10:33रोगअशुभ
10:33–11:54उद्वेगअशुभ
11:54–13:16चरसामान्य
13:16–14:37लाभशुभ
14:37–15:59अमृतशुभ
15:59–17:21कालअशुभ
17:21–18:42शुभशुभ

रात

18:42–20:21अमृतशुभ
20:21–21:59कालअशुभ
21:59–23:38शुभशुभ
23:38–01:16रोगअशुभ
01:16–02:55उद्वेगअशुभ
02:55–04:34चरसामान्य
04:34–06:12लाभशुभ
06:12–07:51अमृतशुभ

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।