भक्तिसाधन

पंचांग — 21 सितंबर 2026

स्थान: Columbus (स्वतः) ·

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वारसोमवार
तिथिशुक्ल पक्ष दशमी — 10:32 तक
फिर शुक्ल पक्ष एकादशी
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा — 21:37 तक
फिर श्रवण
योगअतिगंड — 06:59 (अगले दिन) तक
फिर सुकर्मा
करणगर — 10:32 तक
फिर वणिज
सूर्योदय07:18
सूर्यास्त19:31
राहु काल08:50–10:21
अभिजित मुहूर्त13:00–13:49

ग्रह स्थिति (सूर्योदय के समय, निरयन)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र (पद)
सूर्यकन्या4°16′उत्तरा फाल्गुनी (3)
चंद्रमकर2°46′उत्तराषाढ़ा (2)
मंगलकर्क1°49′पुनर्वसु (4)
बुधकन्या22°58′हस्त (4)
गुरुकर्क23°37′आश्लेषा (3)
शुक्रतुला11°45′स्वाति (2)
शनिमीन18°09′रेवती (1)वक्री
राहुकुंभ3°59′धनिष्ठा (4)वक्री
केतुसिंह3°59′मघा (2)वक्री

चौघड़िया

दिन

07:18–08:50अमृतशुभ
08:50–10:21कालअशुभ
10:21–11:53शुभशुभ
11:53–13:24रोगअशुभ
13:24–14:56उद्वेगअशुभ
14:56–16:27चरसामान्य
16:27–17:59लाभशुभ
17:59–19:31अमृतशुभ

रात

19:31–20:59चरसामान्य
20:59–22:28लाभशुभ
22:28–23:56अमृतशुभ
23:56–01:25कालअशुभ
01:25–02:54शुभशुभ
02:54–04:22रोगअशुभ
04:22–05:51उद्वेगअशुभ
05:51–07:19चरसामान्य

गणना खगोलीय सूत्रों से की गई है (लाहिरी अयनांश, मध्यम राहु)। तिथि, नक्षत्र आदि सूर्योदय के समय के हैं। समय में 1–4 मिनट का अंतर हो सकता है। व्रत या त्योहार की निर्णायक तिथि के लिए अपने पंडित जी या प्रकाशित पंचांग से मिलान करें।